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फखरपुर में मोबाइल टावर बढ़ा रहे बीमारियों का नेटवर्क

मोबाइल टावर बढ़ा रहे बीमारियों का नेटवर्क घनी आबादी के बीच लगे मोबाइल टावर, फैला रहे रेडिएशन
नियम-कानून ताक पर रख लगाए गए टावर दे रहे बीमारियां

Fakharpur


बहराइच: कस्बा फखरपुर मोबाइल टावर लगाने को लेकर कस्बा वासियों ने विरोध शुरू कर दिया कस्बा वासियों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा बिना जांच पड़ताल के घनी आबादी वाले एरिया में मोबाइल टावर लगाने की परमिशन दे देता है टावर की लोकेशन के आसपास समुदायक स्वास्थ्य केंद्र इण्टर कॉलेज सहित कई स्कूल है जिससे रेडिएशन का असर बच्चों तथा बीमार रोगियों पर पड़ने का खतरा है


लोगों की माने तो फखरपुर कस्बा मे अट्ठारह वर्ष पूर्व लगे मोबाइल टावर से कई प्रकार की नई बीमारियों से लोगों का सामना करना पड़ रहा है, वैज्ञानिकों की मानें तो मोबाइल टावर से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स कैंसर का कारण बनती हैं इस रेडिएशन से जानवरों पर भी असर पड़ता है यही वजह है कि जिस एरिया में मोबाइल टावरों की संख्या अधिक होती है, वहां पक्षियों की संख्या कम हो जाती है ग्रामीण क्षेत्रों में इसी वजह से मधुमक्खियां समाप्त हो गई हैं

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एक्सप‌र्ट्स की मानें तो मोबाइल टावर के 300 मीटर एरिया में सबसे ज्यादा रेडिएशन होता है एंटेना के सामनेवाले हिस्से में सबसे ज्यादा तरंगें निकलती हैं जाहिर सी बात है कस्बा फखरपुर में मोबाइल टावर के सामने वाले हिस्सों में कई सरकारी विभाग आते हैं जैसे कि फखरपुर थाना परिसर ब्लॉक परिसर विद्युत उप केंद्र इण्टर कॉलेज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आदि कस्बा की घनी आबादी को नुकसान होने का ज्यादा खतरा बढ़ रहा है मोबाइल टावर से होने वाले नुकसान में यह बात भी अहमियत रखती है की टावर पर लगे ऐंटेना के सामने है या पीछे टावर के एक किलोमीटर के एरिया में 100 गुना ज्यादा रेडिएशन होता है टावर पर जितने ज्यादा एंटेना लगे होंगे रेडिएशन भी उतना ज्यादा होगा


जबकि मोबाइल टावर लगाने के कुछ नियम भी होते हैं ये हैं जैसे कि नियम एक टावर पर लगे एंटीना के सामने 20 मीटर तक कोई घर नहीं होना चाहिए, टावर घनी आबादी से दूर होना चाहिए, जिस जगह पर टावर लगाया जाता है वह प्लाट खाली होना चाहिए, उससे निकलने वाली रेडिएशन की रेंज कम होनी चाहिए, कम आबादी में जिस बिल्डिंग पर टावर लगाया जाता है वह कम से कम पांच-छह मंजिला होनी चाहिए, टावर के लिए रखा गया जेनरेटर बंद बॉडी का होना चाहिए जिससे कि शोर न हो



जिस बिल्डिंग की छत पर टावर लगाया जाता है वह कंडम नहीं होनी चाहिए, दो एंटीना वाले टावर के सामने घर की दूरी 35 और बारह एंटीना वाले की 75 मीटर जरूरी है, इन सभी निर्देशों का उल्लंघन करने वाले मोबाइल टावर के लिए जुर्माना भी है फिर भी घनी आबादी के बीचो-बीच लगा टावर सभी नियमों का उल्लंघन कर लगाया गया जिससे आज कस्बा वासी कई बीमारियों से संक्रमित पाए जाते हैं


उनका यह मानना है कस्बा में लगे सभी मोबाइल टावर फैला रहे रेडिएशन, 2010 में डब्ल्यूएचओ की एक रिसर्च में खुलासा हुआ भी हुआ था कि मोबाइल रेडिएशन से कैंसर होने का खतरा है,मोबाइल टावर के रेडिएशन से डिप्रेशन, कैंसर जैसी कई बीमारियां होती हैं ब्रेन ट्यूमर के केसेज बढ़ने के पीछे मोबाइल टावर का रेडिएशन ही जिम्मेदार है यूजर्स को मोबाइल का कम से कम प्रयोग करना चाहिए।

लेखक: सईद खान
फखरपुर में मोबाइल टावर बढ़ा रहे बीमारियों का नेटवर्क Reviewed by Furkan S Khan on July 17, 2020 Rating: 5

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