कुछ इस तरह शरीक तेरी अंजुमन में हूँ महसूस हो रही है
कुछ इस तरह शरीक तेरी अंजुमन में हूँ महसूस हो रही है ख़ुद अपनी कमी मुझे
दिल लगाने में लड़के और चूना लगाने में लड़कियां का मुकाबला कोई नहीं कर सकता
- शुरूआती रूझान को परिणाम ना समझें लड़की के रियेक्शन को प्यार ना समझें
- ज़िक्र रहता था हमारी बातों में आपका ही
- आपने नजरअंदाज कर दिया शायद
- लफ़्जों को बरतने का सलीका जरुरी है गुफ्तगू में गुलाब अगर कायदे से ना पेश हों तो काँटे चुभ जाते हैं
हमको मिली हैं आज ये घडीयाँ नसीब से जी भर के देख लीजिये हमको करीब से फिर आप के नसीब में ये बात हो न हो शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
नीचे देखे तस्वीर में अपने सपनो की सहजादी को 😛
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कुछ इस तरह शरीक तेरी अंजुमन में हूँ महसूस हो रही है
Reviewed by Furkan S Khan
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August 18, 2020
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